ये पुस्तक सालों से मेरे पास था..मेरी नजर कई दफा इस पुस्तक पे पड़ता था,और में इससे मुँह मोड़ लेता था..मगर पिछले सप्ताह इसे पढ़ना शुरू किया..और कल रात पढ़ के खत्म किया..शायद इसे मैं आज पढ़ के खत्म करता मगर कल रात एक वाकया हुआ..जो में आपको बताता हूँ-
दिन में जब इस पुस्तक को पढ़ रहा था,तो सोचा इसे आज पढ़ के खत्म कर दूंगा..रात में मैंने इसे पढ़ना शुरू किया..न जाने कब 11:30 बज गए पता नही चला..
मैंने खुद से कहा कल सुबह उठना है,बाकी कल पढ़ लूंगा..।
अंदर से एक आवाज आई..
क्या तुम्हें मालूम है कि तुम कल सुबह उठोगे..??
ये सवाल मन मे उठते ही..
मैं जो खड़ा था,वो बैठ गया..।
और पुस्तक को पढ़ना शुरू किया..और पुस्तक को पढ़ कर खत्म कर दिया..।
अक्सरहाँ हम आज का काम कल पे टालते है..
जबकि हमें कल का पता नही होता..
कोशिश करें आज का काम आज ही निपटा ले..
क्योंकि कल का किसे पता है..।।
ये पुस्तक आप पढ़ सकते है..ज्यों-ज्यों आप आगे बढ़ेंगे आपको पुस्तक में रुचि आने लगेगा..।।
मैं ये नही कह सकता कि ये पुस्तक आपके जिंदगी में बदलाव ला सकता है..
मगर ये जरूर कह सकता हूँ कि, पुस्तक में कई पंक्तिया ऐसी है,अगर वो आपके अंदर घऱ कर गई, तो आपका जिंदगी बदल सकता है..।
ये पुस्तक पाठक के आगे कई मोतियां बिखेरता है..
अगर आप सक्षम है तो उन मोतियों को चुन कर अपने जिंदगी को नया आयाम दे सकते है..।।
इस पुस्तक की कुछ झलकियां दिखाता हूँ-



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