पहले भी मैं उदास होता था,
पहले भी मैं हताश होता था..
पहले खुद से ही खुद को प्रोत्साहित करता था..
मगर आज..
जब हताश और निराश था..
तो उसने कहा..
मैं हूँ न तुम्हारे साथ..।
मैंने कहा..
कंहा थे प्रभु इतने दिन से..
ये पूछने पे उन्होंने कहा..
तुम याद ही अभी किये..।

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