अगर हां,
तो आप अपने जीवन से भी जरूर संतुष्ट होंगे..।
अपने आज को बेहतर बनाये..
न कि अपने अतीत और भविष्य के बारे में सोचे कि उसे बेहतर बनाया जा सकता था या फिर बेहतर बनाया जा सकता है..।
अपने आज को बेहतर बनाकर..
आज संतुष्ट होइये..
क्योंकि आज की संतुष्टि में ही,
कल की संतुष्टि का बीज है..।
इसीलिए खुद से पूछिए..
आपने जो आज का दिन बिताया वो संतुष्टिपरक था..??
अगर हां..तब तो ठीक है..
अगर नही..
तो खुद से पूछिए..
क्या इसे और बेहतर किया जा सकता था..??
उन खामियों को आज ढूंढिये और कल के लिए खुद को तैयार कीजिये..
जिससे आपका कल संतुष्टिपरक हो..।।
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