हां हम बिहारी है..
और बिहारी होने पे गुमान है..
क्योंकि मेरे कारण ही..
भारत कभी विश्वगुरु और सोने की चिड़िया था..
और मेरे कारण ही भारत फिर से सोने की चिड़िया और विश्व गुरु बनेगा..
हां हम बिहारी है..।।
मेरे ही गोद में..
जानकी,बुद्ध, महावीर,चंद्रगुप्त, चाणक्य, अशोक, समुंद्रगुप्त,आर्यभट, वराहमिहिर,विद्यापति,वाल्मीकि,गुरु गोविंद,शेर शाह,कुँवर सिंह,डॉ राजेन्द्र प्रसाद, रामधारी सिंह दिनकर, जयप्रकाश,बिस्मिल्लाह खां इत्यादि पले है..
कितना नाम गिनाऊँ..
किस-किस का काम गिनाऊँ..।
इस सबने मिलकर भारत को आयाम दिया..
विश्व में इक पहचान दिया..।।
मगर इस भारत ने..
आजादी के बाद इसको क्या दिया..??
इसके संसाधन का शोषण करके..
हरियाणा,गुजरात,महाराष्ट्र इत्यादि राज्यों में कंपनी और उद्योग का निर्माण किया..।
मजबूरन यंहा के लोगों को..
पेट भरने के लिए..
उस भारत में प्रस्थान किया..
कभी जिनके पूर्वजों ने..
भारत को विश्व का शिरमोर बनाया..।
आज उनके ही संतानों को..
पूरे भारत ने "बिहारी" कह कर सम्मान किया..।।
हां हम बिहारी है..।
भारत का शायद ही कोई कोना ऐसा हो.
जंहा हम बिहारी अपने पसीनों से उस क्षेत्र को न सींचा हो..
हां हम बिहारी है..।
आज भारत जिस संसाधन और जिन-जिन चीजों पे इतरा रहा..
उन सबको बिहारी ने अपने पसीनों से सींचा है..।
हां हम बिहारी है..।।

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