रविवार, 18 अक्टूबर 2026

द्वंद..मैं कर क्या रहा हूँ..

मैं कर क्या रहा हूँ..
क्या मैं..
जो कर रहा हूँ..
क्या 
वो सही कर रहा हूँ..??

कुछ समझ में नही आ रहा है कि..
मैं जा किधर रहा हूँ..
बस चले जा रहा हूँ..
मैं जानता हूँ..
इस तरह चलते रहने से..
उत्थान तो नहीं हुआ..
मगर पतन की ओर..
और बढ़ता गया..
कुछ समझ में नही आ रहा कि क्या करूँ..??



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