शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

शहर और अंधेरा..

चला था अंधेरे में,
अंधेरा ढूंढने..
मगर इस शहर में अब, अंधेरा है कंहा..??
जो अंधेरा मिले कंही..।

ये शहर अंधेरा को लील रहा है ऐसे..
जैसे कृष्ण विवर लील रहा हो रोशनी को..।।

चला था अंधेरे में,
अंधेरा ढूंढने..
मगर इस शहर में अब, अंधेरा है कंहा..??
जो अंधेरा मिले कंही..।


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