गुरुवार, 6 अगस्त 2026

जब सारा शहर..

जब सारा शहर हंस रहा था..
तो मैं, मौन था..
जब सारा शहर उदास है..
तो मैं,मुस्कुरा रहा हूँ..।
मैं इसलिए नही मुस्कुरा रहा कि..
ये उदास है..
मैं इसलिय मुस्कुरा रहा हूँ कि..
यही तो सत्य है..
तो फिर इस सत्य से,
मुँह फेर के उदास क्यों होऊ मैं..
इसे स्वीकार कर..
क्यों न मुस्कुराऊँ मैं..।


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