शुक्रवार, 14 अगस्त 2026

आखिर कबतक..

तुम ढूंढते हो उसे..
जिसे तुम्हारी कद्र ही नहीं..
तुम भटकते हो..
उसके लिए..
जिसे तुम्हारी फिक्र ही नही..।
आखिर कबतक सबकुछ खबर होते हुए भी..
बेखबर बने रहोगे..।



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आखिर कबतक..