मंगलवार, 21 जुलाई 2026

मित्र..

मैं ऋणी हूँ तुम्हार मित्र..
और उऋण भी नही होना चाहता..।
क्योंकि अगर फिर जन्म हो..
तो तुम्हारा ऋण चुकाने के बहाने..
तुमसे अगले जन्म में भी फिर से मुलाकात हो..।



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मित्र..