MnK
प्लीज् मुस्कुराये, क्योंकि आपके मुस्कुराने से ओरो के चेहरे पे भी मुस्कान आएगा..।।
बुधवार, 29 जुलाई 2026
मैं..
मैं बहना चाहता हूं..
नदी की तरह..।
मैं उड़ना चाहता हूं..
बादल की तरह..।
मैं खिलना चाहता हूं..
सूर्य की रोशनी की तरह..।
मैं विलीन होना चाहता हूं..
शून्य की तरह..।
मैं,
मैं का भान खोना चाहता हूं..
इस प्रकृति की तरह..।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
क्या सोच रहे हो तुम..
क्या सोच रहे हो तुम..?? यही सोच रहा हूँ कि.. क्या सोच रहा हूँ मैं..। सच कहूं तो.. कुछ तो सोच रहा हूँ मैं... मगर अफसोस क्या सोच रहा हूँ.. यह...
दादी माँ और कृष्ण जन्माष्टमी..
कुछ लोग जिंदगी से तो चले जाते है.. मगर वो कई यादें छोड़ जाते है..। ये पहली जन्माष्टमी होगा जो बिना दादी माँ के मनाऊंगा.. जब से होश संभाला हू...
हम सब खास दिखना चाहते है..बनना नही..।
हम सब खास(special) दिखना चाहते है.. मगर सवाल है क्यों..?? इसका सबसे बड़ा कारण है कि हम स्वयं को खास समझते ही नही..। जब हम स्वयं को खास समझने ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें