बुधवार, 29 जुलाई 2026

मैं..

मैं बहना चाहता हूं..
नदी की तरह..।
मैं उड़ना चाहता हूं..
बादल की तरह..।
मैं खिलना चाहता हूं..
सूर्य की रोशनी की तरह..।
मैं विलीन होना चाहता हूं..
शून्य की तरह..।
मैं,
मैं का भान खोना चाहता हूं..
इस प्रकृति की तरह..।

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मैं..