जैसी कोई नहीं..
उससे भी खूबसूरत कई थी..
मगर उस जैसी कोई नहीं..
ये वहम था मेरा..
या फिर..
उसके प्रति समपर्ण था..।
मगर वो नादान..
समझ नहीं पाई..
या फिर..
उसने आगे की सोची..??
सच कहता हूं..
उसने आगे की ही सोची..
मगर अफसोस..
वो कुछ ज्यादा..
आगे की नहीं सोची..।।
आएगा एक दिन..
जब खुद को..
वो कोसेगी..
अकेले में अश्रु उतना ही बहायेगी..
जितना मैंने..
उसके लिए बहाया था..।
मचलेगी वो..
तड़पेगी वो..
मेरे गले लगाने को..
जितना मैं तड़पा था..
उतना ही तड़पेगी वो..
जब अहसास होगा..
कितना चाहता था..
मैं उसे..।
ऐ रब इतना तो रहम कर..
मेरी सफलता की गूंज...
उस तक न पहुंचे..।
कभी यू ही..
चौराहे पे मिलु उनसे..
मुझे देख के मुस्कुराए..
और मुस्कुरा के..
नजरें फेर ले..
और मन ही मन..
तेरा शुक्रियदा करें..
अच्छा हुआ कि..
तुझसे दिल ना लगाया..।

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