और अक्सरहाँ हम उन परिस्थितियों को कोसते है..।
मगर हम कभी उन परिस्थितियों पे गौर नही करते..।
कभी-कभी हम जिन परिस्थितियों को बुरा कहते है,वही परिस्थितियां हमारे जिंदगी के लिए सबसे अहम साबित होता है..।।
•इतिहास भरा पड़ा हुआ है..उन बुरी परिस्थितियों से जिसने इतिहास का रुख ही मोड़ दिया..।
चलिए उनमें से कुछ व्यक्तियों से रु-ब-रु होते है,जो बुरे परिस्थितियों के कारण ही महान बन पाए..।
●एक व्यक्ति प्रथम श्रेणी(first class) का वैध टिकट लेकर ट्रैन में सफर करता है,मगर उसके अश्वेत होने के कारण उसे ट्रैन से फेंक दिया जाता है..और वो व्यक्ति सारी रात कड़ाके के ठंड में उस स्टेशन के वेटिंग रूम में ठिठुर कर गुजारता है,और निर्णय लेता है कि इस अन्याय और नस्लभेद के खिलाफ आवाज उठाऊंगा...।
•इन्ही के पदचिन्हों पे चलकर "मार्टिन लूथर किंग जूनियर" ने अमेरिका में 'सिविल राइट मूवमेंट' चलाया..
वो कहते है..
"ईसा मसीह ने हमें लक्ष्य दिया और....उन्होंने हमें तरीका दिया।"
•इसी तरह दक्षिण अफ्रीका के "नेल्सन मंडेला" ने उन्हें अपना आदर्श मानकर दक्षिण अफ्रीका को बिना किसी गृहयुद्ध के दक्षिण अफ्रीका को लोकतांत्रिक देश बनाया..।
(◆नेल्सन मंडेला ने 27 साल जेल में बिताया..इनके लिए इनसे बुरा और क्या हो सकता है,मगर परिणाम सामने है,आज उन्हें पूरा विश्व जानता है..।
"अक्सरहाँ जब हम सबसे बुरे दौड़ से गुजर रहे होते है,उसी समय अच्छे समय का बीजारोपण भी हो रहा होता है..इसीलिए बुरा समय जब भी आये,तो घबराए नही,मुस्कुराए😊.."
अब हममें से अधिकांश लोग जान गए होंगे कि हम किसकी बात कर रहे है..
वो व्यक्ति कोई और नही बल्कि "महात्मा गांधी" थे जिसे 7 जून 1893 को पीटरमैरिट्सबर्ग स्टेशन पे ट्रैन से उस ठिठुरती हुई ठंड में फेंका गया..वो रात ऐतिहासिक रात थी..जिसने मोहनदास करमचंद गांधी को महात्मा गांधी बना दिया..।
• जरा सोचियेगा..अगर ये घटना उनके साथ नही होता तो क्या होता..??
★चलिए अब उस सख्स से रु-ब-रु होते है,जिन्हें स्कूल से इसलिय निकाल दिया गया कि वो मंद बुद्धि के थे..।
शिक्षक ने उनकी माँ को एक पत्र लिखा कि आपका बच्चा addled( अव्यवस्थित दिमाग) है और वह कुछ सीख नही सकता..।
उनकी माँ ने उस पत्र को पढ़ा और उनसे कहा- स्कूल ने लिखा है कि "आपका बेटा बहुत प्रतिभाशाली है,और हमारे पास उसे पढ़ाने लायक अच्छे शिक्षक नही है,इसिलिय आप इसे खुद पढ़ाये...।"
पता है वो बच्चा कौन था..??
दुनिया उसे "थौक आविष्कारक" के रूप में जानता है..वो और कोई नही बल्कि "थॉमस अल्वा एडिसन" थे...।
उन्होंने वो किया जो आज हमें सामान्य लगता है..
•उन्होंने पहली बार बिजली का बल्ब बनाया..इससे पहले दुनिया मोमबत्तियां और गैस की रोशनी पर निर्भर थी।
•उन्होंने पहली बार आवाज रिकॉर्ड कर सुनने वाला पहला उपकरण बनाया,जिससे संगीत उद्योग की शुरुआत हुई..
•आज हम सिनेमा हॉल में फ़िल्म का लुत्फ उठा रहे है तो उन्ही के कारण..उन्होंने "मोशन पिक्चर कैमरा" का आविष्कार किया जिससे फ़िल्म उद्योग का जन्म हुआ..।
•आज हम आप मोबाइल चला रहे है,मगर जरा सोचिए अगर बैटरी रिचार्जजेबल न होता तो क्या होता..।
वो कहते थे-
"मैं असफल नही होता हूँ,बल्कि एक नया तरीका खोज लेता हूँ,जो काम नही करता.."
वो हमेशा कठिन परिश्रम के पक्ष में रहे है,इस बारे में कहते है..-
"प्रतिभा 1% प्रेरणा और 99% कड़ी मेहनत ही सफलता का राज है।"
(Genius is 1% inspiration and 99% perspiration)
● जरा सोचियेगा अगर उन्हें स्कूल से नही निकाला गया होता तो क्या होता..??
ये तो वो लोग है जिन्होंने अपने बुरे परिस्थितियों से देश और दुनिया को दिशा दी..
मगर हममें से हरेक घर में,हरेक समाज में कोई न कोई व्यक्ति होता ही है..जो बुरे परिस्थितियों से गुजरकर वो कार्य करते है,जो हमारे लिए आदर्श हो जाते है..।।
याद रखें..आप जब भी बुरे-से-बुरे परिस्थितियों से गुजर रहे हो,तो समझ लीजिए ,आपके अंदर अच्छे समय का बीजारोपण हो रहा है..।



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें