शनिवार, 10 जनवरी 2026

विश्व हिंदी दिवस..

आज क्या है..
कुछ तो नही..??
हां हमें किसी चीज का तब अहसास होता है,जब वो चीज हमारे जिंदगी पे प्रभाव डालती हो..।
सो आज कुछ ऐसा दिन नही है,जो हमारे जिंदगी पे प्रभाव डालता हो..।
सही कहा आपने..।
क्योंकि मैंने कई हिंदी अखबार खंगाले मुझे लगा इसमें कुछ कंटेंट मिल जाये मगर नही मिला..इसलिय मैंने राष्ट्रीय संस्करण का न्यूज़पेपर पढ़ा..मगर अफसोस उसमें भी कुछ पढ़ने को नही मिला..।।

एक पुस्तक है "सेपियंस" युवाल नोवा हरारी का..
वो कहते है..
पृथ्वी पे जीवन का अस्तित्व ~450 करोड़ वर्ष पूर्व हुआ..
• और 3 लाख वर्ष पूर्व "होमो(homo)" परिवार का उद्भव हुआ..
 उस परिवार में होमो ईरेक्टस, होमो निएंडरथल ,होमो डेनिसोवा, होमो ईरगस्टर इत्यादि थे..आज सब विलुप्त हो गए.. सिर्फ "होमो सेपियंस" बचे हुए है..
जबकि होमो सेपियंस की औकाद निएंडरथल के सामने कुछ भी नही था..
जैसे खली के सामने राजपाल यादव😊..।।

मगर फिर ऐसा क्या हुआ.. कि सब विलुप्त हो गए और सिर्फ होमो सेपियंस बचे..??

नोवा हरारी कहते है-इसके पीछे संज्ञानात्मक(cognitive) क्रांति का अहम योगदान है..साधारण शब्द में कहे तो  भाषा का विकास ही इन्हें अबतक जीवित रखा है,यानी हम सब आज इसलिए है क्योंकि हमारी एक भाषा है..जो हमें एक दूसरे से जोड़ती है..और हमें सोचने में मदद करती है..।

अन्य प्रजातियां कुछ शब्दों तक ही सीमित रही जिस कारण उनका अस्तित्व आज नही है...।।

यानी भाषा का हमारे जीवन मे अहम योगदान है..
हम आज इसलिए है क्योंकि हमारे पूर्वजों ने भाषा का ईजाद किया..।

और आज " विश्व हिंदी दिवस " है..😊


इसे मनाने की शुरुआत मनमोहन सिंह ने पहली बार 2006 मे किया..
क्योंकि 10 जनवरी 1975 को नागपुर में पहली बार विश्व हिंदी सम्मेलन का आयोजन किया गया था..जिसमें 30 देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया था..।
इस दिन को यादगार बनाने और पूरे विश्व मे हिंदी के प्रसार के लिए प्रत्येक साल 10 जनवरी को "विश्व हिंदी दिवस" मनाते है..।

इस बार का थीम है-
" हिंदी पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक"

हिंदी भाषा का सफर..
आज से 300 साल पहले तक हिंदी,हिंदी नही था,इसे खड़ी बोली के रूप में जाना जाता था..और आज ये बोली से भाषा बन गया.।
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान..
1915 तक हमारा स्वतंत्रता आंदोलन वकीलों का आंदोलन था..मगर हिंदी ने इसे जन आंदोलन बनाया और देश के हरेक छोड़ तक आंदोलन को पहुँचाया.. हिंदी ने देश के लोगों को जोड़ने का काम किया..।।

क्या आपको पता है..
हिंदी को राजभाषा बनाने की मांग किसने की..??
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हिंदी को राजभाषा बनाने की मांग उनलोगों ने किया जिनकी मातृभाषा हिंदी नही था..
गुजरात से - महात्मा गांधी,के.एम. मुंशी, स्वामी सत्यानंद सरस्वती
महाराष्ट्र से- बाल गंगाधर तिलक,सावरकर
पंजाब से -लाला लाजपत राय
बंगाल से- केशव चंद्र सेन से लेकर सुभाषचंद्र बोस तक ने की..
दक्षिण भारत मे हिंदी प्रचार प्रसार के लिए गांधी जी ने..
"दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा'' का स्थापना किया..
यानी पूरे भारत से हिंदी को समर्थन मिल रहा था..।
14 सेप्टेंबर 1949 को संविधान सभा ने ध्वनिमत से इसे राज्यभाषा के रूप में स्वीकार किया..(इस कारण 14सेप्टेंबर को हिंदी दिवस मनाते है)

वर्तमान में हिंदी की स्थिति..
1991 के जनगणना के अनुसार 39% लोग हिंदी बोलते थे..(1st लैंग्वेज)
  2001 के जनगणना के अनुसार 41% लोग हिंदी बोलते थे..और
  2011 के जनगणना के अनुसार 43.6% लोग हिंदी बोलते थे..
   दूसरे स्थान पर बंगला है(9%)
   तीसरे स्थान पर मराठी(8.7%),और चौथे स्थान पर तेलगु(8%)
  और अंग्रेजी बोलने वाले(0.02%) 2लाख 70हजार लोग है.
वर्तमान में लगभग 60करोड़ से ज्यादा लोग भारत मे हिंदी बोलते है..।

विश्व मे हिंदी की स्थिति..
क्या आप बता सकते है..विश्व मे हिंदी का कौन सा स्थान है..??
 
UNESCO के सर्वेक्षण के अनुसार विश्व मे 7115 भाषा है..
 • 150 भाषा ऐसी है,जिसे बोलने वालों की संख्या 10 लोगों से कम है..
 • 5.5-6 हजार ऐसी भाषा है जिसे बोलने वालों की संख्या 1 लाख से कम है..।
 ● 800 करोड़ आबादी वाले विश्व मे हिंदी का स्थान तीसरा है..लगभग 8% लोग हिंदी बोलते है..।
  • पहले स्थान पर अंग्रेजी(16%) दूसरे स्थान पर मंदारिन(14%) है..।।

अंग्रेजी पहले पायदान पर क्यों है..??
   सोचिए..🤔

हिंदी विश्व में तीसरा स्थान रखने पर भी दयनीय स्थिति क्यों है..
  (ये सभी भारतीय भाषाओं के साथ है..तेलगु,तमिल,मराठी...

-★जिस देश मे आधी आबादी हिंदी बोलने वाला हो..और मात्र 0.02% अंग्रेजी बोलने वाला हो..उस देश के हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में हिंदी या क्षेत्रीय भाषा मे जिरह और अपील नही किया जा सकता है..
अगर आप करते है तो उसे खारिज कर दिया जाता है..।
-सबसे पहले इस व्यवस्था को खत्म किया जाय..।

प्राथिमक शिक्षा मातृभाषा में अनिवार्य किया जाय..
(कम से कम 5वी कक्षा तक)
(UNESCO के शोध में पाया गया है वही देश तकनीकी रूप से अग्रणी है जंहा शिक्षा मातृभाषा में दी जा रही है..।)
(भारत से जब छात्र जर्मनी,रशिया,यूक्रेन में M.B.B.S की पढ़ाई करने जाते है तो पहले वंहा,उन्हें वंहा की भाषा सिखाया जाता है 1वर्ष तक..और हमारे यंहा..)

●कभी आपने सोचा है अगर गर्मी में अगर आपको जैकेट पहना दिया जाय तो क्या होगा..आज यही साजिश चल रही है..जब हम अपने मातृभाषा बोल रहे होते है तो हमें एक अजीब भाषा थोप दिया जाता है...जिसके न शब्द से न वाक्य से बच्चे परिचित रहते है..।।
(इंग्लिश जरूरी है,मगर अनिवार्य नही..मगर आज टेक्नोलॉजी और AI ने इसके अनिवार्यता पे प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है..)

आपने सोचा है..नोबेल प्राइज जितने वाले अधिकांश लोग कौन है..??
   जरा सोचियेगा..🤔

आपको जानकर हैरानी होगी कि पिछले 10 वर्षों में 89441 सरकारी स्कूल बंद हो गए है..जंहा हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषा मे शिक्षा दिया जा रहा था..
 ★ 2024-2025 के एक रिपोर्ट के अनुसार लगभग 8000 ऐसे सरकारी स्कूल है जंहा पे एक भी नामांकन नही हुआ है..
65054 ऐसे सरकारी स्कूल है जंहा छात्रों की संख्या 10 से भी कम है..।

आखिर ये स्थिति क्यों है..??

क्या इससे हिंदी और अन्य क्षेत्रीय भाषा की स्थिति दयनीय नही होगी..??

आखरी सवाल आप से..
 क्या आप अपने बच्चों को सरकारी या फिर उस स्कूल में पढ़ाएंगे जंहा  मातृभाषा में शिक्षा दी जा रही हो..?
-अगर आपका आर्थिक स्थिति थोड़ी भी अच्छी है तो आप उसे इंग्लिश मीडियम में ही पढ़ाएंगे..।।

मैं ये नही कहता कि अपने बच्चों को अंग्रेजी मीडियम में न पढ़ाये..क्योंकि इस ग्लोबलाइजेशन के दौड़ में अंग्रेजी जरूरी है..मगर अपने घर पर अपने बच्चों से अपने मातृभाषा में ही बात करें.. चाहे आपकी मातृभाषा कोई भी हो..।।(अपने बच्चों को सोचने वाला प्राणी बनाये)

आज जापान,जर्मनी,रूसिया,अमेरिका इतना विकसित क्यों है..??
क्योंकि वो अपने मातृभाषा में सोचता है..।

तो आज क्या है...??
10 जनवरी है..
हां, आज "विश्व हिंदी दिवस" है..।।

क्या आज इसकी प्रसांगिकता है..??
जरा सोचिए..🤔

बिल्कुल है..
क्योंकि  हम/आप आज भी हिंदी/क्षेत्रीय भाषा मे ही मनोरंजन का साधन ढूंढते है..(बुक,मूवी,इत्यादि)
•और आज तो सोशल मीडिया और AI ने तो इसकी प्रसांगिकता और बढ़ा दी है..😊।।


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें