सोमवार, 12 जनवरी 2026

अतीत और भविष्य

कभी-कभी भविष्य की छलांग लगाने के लिए..
अतीत में डुबकियां लगानी होती है..।
मगर डुबकियां लगाना कंहा आसान है..।
जिस तरह समुंद्र से सीपियां निकालने के लिए 
गोताखोर को सांस पर नियंत्रण रखना होता है..
उसी तरह अतीत में गौता लगाने के लिए,
भावनाओं पे नियंत्रण रखना होता है..।।

अतीत में ही छुपी है भविष्य की कुंजी..
अगर अतीत ही बुरा हो,
तो भविष्य कंहा से बेहतर होगा..।

अगर जिसका अतीत ही बुरा हो,
वो फिर क्या करें..??

अपने अतीत में डुबकियां लगाकर.. 
अपने अतीत की गलतियों को ढूंढे..।
और अपने वर्तमान में गलतियों को सुधारें..
भविष्य की छलांग, तो नही लगा सकते..।
मगर वर्तमान में निरंतर दौड़कर..
अपने भविष्य के छलांग से आगे निकल सकते है।।


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