और सोचने को मजबूर कर देती है..।
आज शाम 3 दृश्य ने सोचने को मजबूर कर दिया..।
पहला दृश्य..
समुंद्र के किनारे टहलते टहलते मैं आखरी छोर तक चला गया जंहा कोई नही था बिल्कुल शांति थी..।मेरी नजर उन दो कुत्तों पे पड़ी जो समुंद्र के लहर से 10-11 फ़ीट की दूरी पर पाँव से गड्ढे खोद रहे थे..मुझे लगा मस्ती कर रहे है..।मगर जब करीब गया तो देखा कि ये दोनों कुते गड्ढे खोदने के बाद रेत से रिस कर आ रहे पानी का भरने का इंतजार करते है,जब पानी भर जाता है तब वो उसे पी लेते है..फिर इंतजार करते है,और फिर पीते है..।
मुझे दो चीज सोचने को विवश किया..
1.क्या समुंद्र का पानी इसे नुकसान नही करेगा..??
मैंने झट से गूगल किया तो पता चला हरेक जानवर को समुंद्र का पानी नुकसान पहुचायेगा.. हो सकता है ये सब अपने आप को उसके अनुरूप ढाल लिया हो..।
2.इन्हें पानी फ़िल्टर कर पीने को किसने सिखाया..??
ये एक तरह से गड्ढा खोदकर पानी को फ़िल्टर ही तो कर रहें थे..।
दूसरा दृश्य..
समुंद्र के किनारे ही एक अकेली महिला थी..जो अपने में खुश थी मगर उसकी खुशी उसकी विक्षिप्त अवस्था को दर्शा रही थी..वो महिला अचानक मुझसे कही जरा मेरा वीडियो बना देंगे..मैंने कहा हां..तो उन्होंने अपना मोबाइल मेरे हाथ मे थमा कर बोली आप सिर्फ इसे पकड़े रहिये..।
थोड़ा इधर थोड़ा उधर थोड़ा ऊपर थोड़ा नीचे के बाद आखिर मोबाइल एडजस्ट हो गया..मन हो रहा था छोड़ के भाग जाऊ..
मगर इसके बाद जो हुआ वो सोचने को विवश कर दिया..
वो बनावटी मुस्कान के साथ बोलती है,
हाइ गाइज..
मैं रोज बिच पे आती हूँ, मेरा वजन कम हो रहा है..
मैं यंहा हीरोइन बनने आई थी आज कुछ भी नही बन पाई..
ये दरिंदो से भरा हुआ जगह है..
सब साले इस्तेमाल करेंगे..
इसलिय अपना स्वास्थ्य का ख्याल रखें और आपलोग गाँव मे ही रहें, अच्छे से रहें..।
उसके बाद उन्होंने कहा मेरा एक फोटो खींच दीजियेगा..मैंने 3-4 क्लिक करके वंहा से निकल गया..।
मगर उसका चेहरा और बातें अभी भी दिमाग मे चल रहा है..।
तीसरा दृश्य..
एक छोटा बच्चा लगभग 3 साल का रहा होगा..
वो माँ की अंगुली पकड़ कर जा रहा था कि उसकी एक चप्पल पाँव से निकल कर पीछे छूट जाता है..
जबतक वो माँ को बोलता तबतक वो कई कदम आगे बढ़ गया था..।
क्योंकि वो छोटा बच्चा अपने उम्र के अनुसार नही चल रहा था,बल्कि उसकी माँ अपने उम्र के अनुसार चला रही थी..।
जबतक बच्चा शब्दों का चयन कर वाक्य बनाता और माँ को कहता कि मेरा एक चप्पल पाँव से निकल गया है..तबतक वो कई कदम आगे बढ़ गया था..
माँ के कानों में ये शब्द जाते ही माँ ने एक थप्पड़ जड़ दिया..।
मैं ये दृश्य देखकर आवाक रह गया..??
एक तो माँ अपने स्पीड से बच्चें को चला रही थी,..
दूसरे में, माँ को बच्चे के चाल में बदलाव का महसूस नही हुआ..।
मैं इसी उधेड़बुन में हूँ...
कभी-कभी दूसरों की लापरवाही के वजह से किसी और को सजा भुगतना पड़ता है..।।
ये 3 दृश्य ने सोचने को मजबूर कर दिया..
● कुत्ते को पानी फ़िल्टर कर पीने को किसने सिखाया..??
●उस महिला के साथ क्या हुआ होगा..??
●आखिर हम बच्चों पर हाथ क्यों उठाते है..??
आखिर क्यों..??


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