तो उसे जोड़ना..
हमारे ही हाथों में होता है..।
सपने हमेशा हमारे ही होते है..
हां..
कभी-कभी हम दूसरों के नजरों से देखते है..
और वो हमारे सपने हो जाते है..।
सपने अगर टूटते है..
तो उसे जोड़ना..
हमारे ही हाथों मे होता है..।
सपने टूटकर इतना कभी नही बिखरता..
जिसे फिर से समेट न पाए..
बस जरूरत होती है..
फिर से बिखरे सपने संजोने का..।।
सच होते है सपने..
सपने अगर हो अपने..।
अपने सपने को साकार कर..
खुद को तुम स्वीकार कर..
सच होते है सपने..।
सपने अगर टूटते है..
तो उसे जोड़ना..
हमारे ही हाथों में होता है..।

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