रविवार, 18 जनवरी 2026

सुबह हो ही रही थी..

सुबह हो ही रही थी...
की आंख लग गई..।
आंख लगी ही थी कि..
सपनों में तुम आ गई..।
तुम आई ही थी,
की आंख खुल गई..।
आंख खुली ही थी..
कि मोबाइल पे एक मैसेज आया..
उस मेसैज ने मेरे लिए 
गुड मॉर्निंग का पैगाम लाया..।

सुबह हो ही रही थी..
की आंख लग गई..।


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