बुधवार, 14 जनवरी 2026

समय..

समय..
न यह ठहरता है..
न यह लौटता है..
यह तो बस..
पलकों के झपकने में बीत जाता है..।

जिसे हम 'कल' कहते है..
वह एक याद है..।

जिसे हम 'कल' कहेंगे..
वह एक प्यास है..।

और जो 'अभी' है..
बस वही प्रकाश है..।।



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