बुधवार, 28 जनवरी 2026

कंहा थे..

अब जिधर देखता हूँ..
उधर तुम ही दिखते हो..
न जाने क्या किया तूने..
मेरे सांसों में..
अब सिर्फ तुम बसते हो..।

कंहा थे इससे पहले..??
अब वीरान हो गई जिंदगी को..
फिर से नया जान दे रहे हो..।

जब से तुम आये हो..
तबसे मैं,
मैं रह ही नही गया..
अब बस सिर्फ मैं..
मैं हो जाना चाहता हूं..।

अब जिधर देखता हूँ..
उधर तुम ही दिखते हो..
न जाने क्या किया तूने..
मेरे सांसों में..
अब सिर्फ तुम बसते हो..।



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