इसीलिए तो लड़ रहे है..
लड़ भी किस चीज के लिए रहे है..
तेल,खनिज और जमीन के टुकड़े के लिए..।
जबकि ये ब्रह्मांड इतना विशाल है..कि
इस पृथ्वी का भी..
इस ब्रह्मांड में कोई खास स्थान नही है..
जिस तेल खनिज के लिए हम लड़ रहे है..
हो सकता है..
ब्रह्मांड में कोई ऐसी जगह होगी जंहा..
खनिज और तेल की धार बह रही होगी..।
हम अयोग्य है..
इसलिय तो लड़ रहे है..।
खुद से..दूसरे से..
जिस रोज हमारी अयोग्यता दूर हो जाएगी..
उस रोज हम लड़ना बंद कर देंगे..।।
हम अयोग्य है...
इसलिय लड़ रहे है...।।

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